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12th फेल रिव्यू
Published
2 years agoon
By Aditi Shukla


विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 12th फेल बात कर रहे हम एक ऐसी फ़िल्म कि जो न कि सिर्फ एक फिल्म है बल्कि एक दो घंटे की मोटिवेशनल स्पीच है जिसे देख कर लोगों ने खूब सराहा है और साथ ही बहुत प्रोत्साहित भी हुए है। आज के समय में जहां युवा फिल्मों के किरदारों को देख कर प्रभावित होते है और अपने जीवन में उनको उतारने की कोशिश करते है उनकी तरह कपड़े पहनकर, उनके बात करने का तरीक़ा अपनाकर और उनकी जीवनशैली को अपनी जीवनशैली बनाकर ऐसे में 12th फेल जैसी फिल्में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जहां मनोजकुमार शर्मा का किरदार हमे कठिन परिश्रम करना सिखाता है वही श्रद्धा जोशी का किरदार हमे निश्छल प्रेम करना सिखाता है। देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्था, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को पास करना आसान नहीं है।
मुश्किल ही नहीं, बल्कि यह कमजोर लोगों के लिए नहीं है। फिर चाहे बात पढ़ाई की हो या दृढ़ विश्वास की, दोनों ही मोर्चों पर यह परीक्षा आपको कई बार तोड़ती है। यही लड़ाई मनोज कुमार शर्मा (विक्रांत मैसी) की कहानी को असाधारण बनाती है।मध्य प्रदेश के चंबल के गांव का लड़का 12वीं की परीक्षा में फेल हो जाता है, क्योंकि नए डीपीएस दुष्यन्त सिंह (प्रियांशु चटर्जी) शिक्षकों को छात्रों को बोर्ड परीक्षा में नकल करने से रोकते हैं। मनोज इसके अगले साल थर्ड डिविजन से बोर्ड एग्जाम पास करता है। वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए दिल्ली पहुंचता है। उसके पास इस परीक्षा के लिए जरूरी लगन तो है, लेकिन ऐसा करने के लिए पढ़ाई की वैसी कुशलता नहीं है। उसे तो यह भी नहीं पता कि UPSC या IPS प्रोफाइल जैसी कोई चीज होती है। मनोज आगे कैसे अपने गुरु (अंशुमान पुष्कर), दोस्तों और प्रेमिका श्रद्धा जोशी (मेधा शंकर) की मदद से अपने सपने को साकार करता है, फिल्म इसी पर आधारित है। फिल्म में दोस्ती और प्रेम दोनो कितने महत्वपूर्ण रिश्ते होते है इस पर भी ज़ोर दिया गया है कैसे मनोज का दोस्त उसकी खुशी में खुश हो जाता था और कैसे श्रद्धा मनोज के साथ उसके संघर्ष में बराबर खड़ी रहती है।

एक्टिंग की बात करें तो विक्रांत मैसी ने अपने किरदार को पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया है और बेहद उम्दा प्रदर्शन किया है और फिल्म की बाक़ी कॉस्ट ने भी अपना रोल बखूबी निभाया है फिल्म में जो दिव्यकीर्ति सर के दृश्य को दिखाया गया है वो भी काफ़ी ज्यादा सराहा गया है। फिल्म के गाने भी बहुत सुंदर है और दृश्य और संगीत का मिलान भी बड़ी ही बुद्धिमानी से किया गया है।
12 फेल एक ऐसी फ़िल्म है जिसे जरूर देखना चाहिए ये हमे जीवन में कठिनाइयों के बाद भी संघर्ष कर के आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और आपको एंटरटेन भी करती है।