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पत्रकार ऋषभ गुलाटी ने छात्रों को समझाई जिम्मेदार पत्रकारिता की अहमियत

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एपीजे संस्थान में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान अनुभवी प्रसारण पत्रकार ऋषभ गुलाटी ने विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सत्र का संचालन किया। कम उम्र में ही पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बनाने वाले ऋषभ गुलाटी ने अपने पत्रकारिता अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारों की बढ़ती जिम्मेदारियों पर चर्चा की। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में NDTV के साथ काम किया और NewsX के मुख्य संपादक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी हैं।

सत्र की शुरुआत करते हुए ऋषभ गुलाटी ने एक महत्वपूर्ण विचार के माध्यम से पत्रकारिता की मूल भावना को समझाया—“पत्रकारिता में सबसे जरूरी है सही जानकारी देना, न कि सबसे पहले खबर देना।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खबर को सबसे पहले देने की होड़ से अधिक महत्वपूर्ण उसकी सटीकता और विश्वसनीयता है।

अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि आज मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और इसके साथ पत्रकारों की भूमिका और जिम्मेदारियाँ भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छे पत्रकार के लिए विश्वसनीयता, तैयारी और कठिन सवाल पूछने का साहस बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में ईमानदारी और नैतिकता बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।

ऋषभ गुलाटी ने विद्यार्थियों को समझाया कि पत्रकार का काम केवल खबर देना नहीं, बल्कि सही और जिम्मेदारी के साथ खबर को लोगों तक पहुँचाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी खबरें और कहानियाँ तैयार करने के लिए प्रेरित किया, जो लोगों तक सही जानकारी पहुँचाएँ, उन्हें सोचने के लिए प्रेरित करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दें।

उन्होंने तथ्य-जाँच और गहन पड़ताल की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पत्रकारों को किसी भी जानकारी पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी अच्छी तरह खोज-पड़ताल और सत्यापन किया जाना आवश्यक है।

सत्र के दौरान उन्होंने पत्रकारिता को जिम्मेदारी से जुड़ा पेशा बताते हुए विद्यार्थियों को हमेशा प्रश्न पूछते रहने और नई चीजें सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक सफल पत्रकार बनने के लिए जिज्ञासु प्रवृत्ति विकसित करना और लगातार सीखते रहना आवश्यक है।

सत्र के अंत में ऋषभ गुलाटी ने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए और अपने अनुभवों के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उनकी बातचीत ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता के व्यावहारिक पक्ष, उसकी जिम्मेदारियों और बदलते मीडिया परिदृश्य को समझने का अवसर दिया।