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नारी – written by Ms. Nidhi Tewari Ojha, PhD Scholar, School of Education, ASU
Published
8 months agoon

नारी, हां मैं नारी हूं
प्यारी हूं, कोमल हूं और सुकुमारी हूं,
हां,मैं नारी हूं।
ममता हूं, पूजा हूं , आरती हूं,
मां भारती हूं,
हां ,मैं नारी हूं।
मै नीर हूं,मैं तीर ( किनारा), हूं,मैं पुष्प हूं,
मै फुलवारी हूं,
हां, मैं नारी हूं।
मैं शक्ति हूं ,मैं भक्ति हूं ,मैं मुक्ति हूं ,मैं मुक्ति दात्री हूं ,
हां, मैं नारी हूं।
मत कम आंकना मुझे पुरूषों से,
समय आने पर मैं तलवार दोधारी हूं,
हां ,मैं नारी हूं।
मै ज्वाला हूं, मैं चण्डी हूं, मैं चामुंडा हूं,
मैं ही तो वनखण्डी हूं,
हां, मैं नारी हूं।
मैं लक्ष्मी हूं, मैं सरस्वती हूं ,मैं गौरी हूं ,
मैं ही कल्याणी हूं
हां ,मैं नारी हूं।
मैं शारदा हूं, मैं गायत्री हूं, मैं विद्या हूं ,
मैं सीता हूं,
हां ,मैं नारी हूं।
मैं गंगा हूं ,मैं जमुना हूं, मैं कृष्णा हूं
मैं कावेरी हूं ,
हां, मैं नारी हूं।
मैं जननी हूं, सब कुछ सह सकती हूं ,
सब कर सकती हूं ,
मत उकसावों मुझे ,मत इम्तिहान को मेरा ,
मैं माया हूं ,
मैं प्रलय विनाशकारी हूं ,
हां ,मैं नारी हूं।।
हां ,मैं नारी हूं।।
हां ,मैं नारी हूं।।
Ms. Nidhi Tewari Ojha
PhD Scholar, School of Education, ASU