
मेने कहा श्रीकृष्ण से
जीवन में एक समय ऐसा भी आया
जीवन में एक समय ऐसा भी आया
जहां मुझे लगा तूने मेरी एक ना सुनी
जहां मुझे लगा तूने मेरी एक ना सुनी
पर न सुनते हुए भी तूने मेरी सब सुनी
पर न सुनते हुए भी तूने मेरी सब सुनी
आज जब सोचती हूं कि क्यों लिए तूने वो सब फैसले मेरे लिए
आज जब सोचती हूं कि क्यों लिए तूने वो सब फैसले मेरे लिए
तो ये महसूस करती हूं
के उसमे मेरी ही थी कुछ अच्छाई छुपी
के उसमे मेरी ही थी कुछ अच्छाई छुपी
के जो चाहते हुए भी तूने मेरी ना सुनी