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Mind Your Language: Simplifying Sentences: The Essential Role of Pronouns in Hindi Grammar
According to an educator Sarvanam (सर्वनाम) can be learned better with the usage of examples of nouns
According to an educator Sarvanam (सर्वनाम) can be learned better with the usage of examples of nouns
Published
1 year agoon
By
Anubha Singh
In the Hindi language, pronouns ( सर्वनाम ) play an important role. They are words used in place of nouns, helping to make sentences concise and clear. By using pronouns, we can avoid repeating nouns repeatedly.
Types of Pronouns
In Hindi grammar, pronouns are mainly divided into the following types:

Use of Pronouns
The correct use of pronouns helps maintain the clarity and conciseness of sentences. For example:
According to Ms Ruby Bhatnagar, HoD (Hindi) at Apeejay School, Noida, ideal way to learn sarvanam is by creating analogies between verb and noun.
She explains the concept further, “*वाक्य में जिस शब्द का प्रयोग संज्ञा के बदले में होता है, उसे सर्वनाम कहते हैं।
*सर्वनाम शब्द का अर्थ है- सब का नाम। संज्ञा जहाँ केवल उसी नाम का बोध कराती है, जिसका वह नाम है, वहाँ सर्वनाम से केवल एक के ही नाम का नहीं, सबके नाम का बोध होता है।
सर्वनामों को समझाने का तरीका
*अपने छात्रों को “मैं” या “मेरा” कहने पर अपनी ओर इशारा करें। * दूसरों को देखते समय उनकी ओर इशारा करें और उनका वर्णन करें – जैसे-वह दौड़ रहा है।
इस प्रकार समझाते हुए सर्वनाम के भेद बताएँ-
1 पुरुषवाचक सर्वनाम:
जो सर्वनाम जो उत्तम पुरुष (बोलने वाले), मध्यम पुरुष (सुनने वाले) और अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात की जाये) के लिए आता है, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: उसने, वह, मैं, तुम, उस आदि।
2 निश्चय वाचक सर्वनाम:
जिस सर्वनाम में पास या दूर किसी व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत का बोध हो वह निश्चयवाचक सर्वनाम कहलाता है। क्योंकि ये संकेत करता है इसलिए इसे संकेतवाचक सर्वनाम भी कहते हैं। जैसे:
यह मेरी पेंसिल है।
3 अनिश्चयचाचक सर्वनाम:
जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या पदार्थ का बोध नहीं होता हो उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:
बाहर कोई है।
4 संबंधवाचक सर्वनाम
संज्ञा के स्थान पर आने वाले जिन दो सर्वनाम शब्दों से संबंध का भाव प्रकट होता है उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:
तुमनें जो कार मांँगी थी, यह वही कार है।
5 प्रश्नवाचक सर्वनाम:
जिन सर्वनाम शब्दों से किसी प्रश्न का बोध होता है उसे उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:
तुम कौन हो?
6 निजवाचक सर्वनाम:
जो सर्वनाम तीनों पुरुष (उत्तम, मध्यम और अन्य) में अपना होने की अवस्था या भाव या अपनापन; निजता का भाव दर्शाते हैं वह निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे:
आप अपना काम खुद कर लेना।
*इस प्रकार सभी भेदों को समझाकर सर्वनाम के विषय को समझने के लिए अध्यापक विद्यार्थियों से प्रत्येक भेद से संबंधित उदाहरण देकर विषय का अधिक स्पष्टीकरण कर सकते हैं।
*विषय के मौखिक व लिखित अभ्यास भी विषय को समझने में सहायक होता है।
Anubha Singh is the Principal Correspondent with Apeejay Newsroom. Having a journalism and mass communication background, she has varied experience with renowned print publications like Hindustan Times, The Pioneer and Deccan Chronicle. Her niche expertise lies in reporting and content creation for different core areas. She can be reached at [email protected] for any communication.