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‘मीराबाई का जीवन’: Poem by Janvi Sharma, Apeejay School, Tanda Road, Jalandhar
Published
2 years agoon

कृष्ण की धुन मैं गाऊँ,
कृष्ण के रास पे रोऊँ,
क्या सुनहरी है किस्मत मेरी,
सब कुछ खोकर में कृष्णन को पाऊँ॥
पति ने दुत्कार दिया,
राज्य ने मुझे छोड़ दिया,
पर मैंने मेरे नटखट कान्हा को पा लिया
मेरे जीवन के सुख दुख को भुला दिया॥
ना आँख झुके,
ना पाँव रुके,
मुख में लिए कृष्ण का नाम चली,
मैं इस मायावी दुनिया को
अपना सब कुछ दिए चली॥
दिल में मैं कितने भाव लिए चली,
कांटों के रास्ते पर,
मैं अपने कृष्ण के साथ बढ़ी चली,
मैं अपने कृष्ण के लिए बढ़ी चली॥
Janvi Sharma
Apeejay School, Tanda Road
Jalandhar