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‘मेरी बेटी है वो’: Poem by Anjali Singh, AIMC
Published
2 years agoon

वो? मेरी बेटी है वो!
बोलती कम है पर सुनती सब की है,
हंसती कम है पर मेरी मुस्कान की वजह है,
रोती किसी के सामने नहीं पर मेरे आंसू सबसे पहले पोछती है,
ख़ुद का हाल नहीं बताती पर तबियत मेरी पूछती हर रोज़ है,
अपनी नींद अधूरी रखती है पर “समय से सो जाना” कहना कभी भूलती नहीं,
क्या कहूं और उसके लिए!
मेरी परछाई बनकर संवारती है हरदम मुझे,
शायद टूट कर बिखरती वो भी है पर ढाल मेरी सबसे बड़ी है वो,
वो? मेरी बेटी है वो!
Anjali Singh
AIMC
Course: TVRJ