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‘माँ’: Poem by Himanshu Verma, Apeejay School of Management, Dwarka
Published
11 months agoon

माँ! तू कितनी प्यारी है,
जीवन की तू उजियारी है।
तेरे आँचल की छाँव तले,
दुनिया सारी सुहानी है।
जब मैं गिरा, तूने उठाया,
हर दुःख में तूने पास बुलाया।
तेरी गोदी स्वर्ग से न्यारी,
तेरी लोरी सबसे प्यारी।
भूखा था जब, तूने खिलाया,
खुद रही भूखी मुझे सुलाया।
सर्द हवाओं से काँप रही थी,
फिर भी मुझ पर चादर डाली।
तेरी ममता की कोई मिसाल नहीं,
तेरे जैसा दूसरा हाल नहीं।
भगवान का रूप है तू सच्चा,
तेरे बिना जीवन है कच्चा।
अब भी जब थक कर आता हूँ,
तेरी आवाज़ में सुकून पाता हूँ।
दूर हूँ फिर भी पास है तू,
मेरे हर सांस में साथ है तू।