Anima Shukla, Television & Radio Journalism / Production

आशा सुनने और बोलने में भले ही छोटा-सा शब्द लगे, लेकिन यह मानव जीवन में अपार ऊर्जा भर देती है। जीवन के लिए आशा अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही हमें दुख-तकलीफ़ों के बीच जीना सिखाती है। यह मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति देती है।
इस शब्द की गहराई को ऑस्ट्रियाई न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक विक्टर फ्रैंकल ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक Man’s Search for Meaning में अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। विक्टर फ्रैंकल लोगोथेरेपी के प्रवर्तक थे, जो यह मानती है कि मानव जीवन की मूल प्रेरणा सुख या शक्ति नहीं, बल्कि जीवन का अर्थ खोजने की इच्छा है।
फ्रैंकल के अनुसार आशा का गहरा संबंध अर्थ से है। आशा केवल एक भावना नहीं है, बल्कि वह आंतरिक शक्ति है जो व्यक्ति को जीवन का उद्देश्य खोजने में सहायता करती है।
अपने अनुभवों और साक्षात्कारों में फ्रैंकल बताते हैं कि यातना शिविरों में जिन कैदियों ने जीने की आशा छोड़ दी थी, उनके जीवित रहने की संभावना सबसे कम थी। उन्होंने यह भी देखा कि शारीरिक कमजोरी से अधिक मानसिक कमजोरी मृत्यु का कारण बनती है। जो लोग जीवन में किसी उद्देश्य से जुड़े रहे, वे अमानवीय परिस्थितियों में भी मानसिक रूप से मजबूत बने रहे।
जीवन का उद्देश्य खोज लेने पर मनुष्य भयानक परिस्थितियों में भी आशा बनाए रख सकता है। कुछ कैदी अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करके कठिनाइयों का सामना कर रहे थे—जैसे अपने परिवार से फिर से मिलने की आशा, या शिविर से मुक्त होने के बाद अपने अनुभवों को दुनिया के सामने साझा करने का संकल्प। ये आशाएँ ही उन्हें उस समय के असहनीय दुख-दर्द को सहने की शक्ति दे रही थीं।
फ्रैंकल के अनुसार, अमानवीय और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य के पास एक आंतरिक स्वतंत्रता हमेशा बनी रहती है—अपने दृष्टिकोण को चुनने की स्वतंत्रता। दुख के बावजूद जीवन के प्रति आशा बनाए रखना एक आंतरिक विजय है। उन्होंने बार-बार स्पष्ट किया कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी भी क्रूर क्यों न हों, मनुष्य अपने रवैये को चुन सकता है।
विक्टर फ्रैंकल का सबसे प्रसिद्ध कथन इसी विचार को सार रूप में प्रस्तुत करता है—
“जिसके पास जीने का ‘क्यों’ है, वह लगभग किसी भी ‘कैसे’ को सहन कर सकता है।”
इस प्रकार, फ्रैंकल की दृष्टि में आशा जीवन से पलायन नहीं है, बल्कि जीवन से जुड़ने का साहस है। यह वह शक्ति है जो मनुष्य को केवल जीवित रहने ही नहीं, बल्कि अर्थपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
Share this story:
- Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Click to share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
- Click to share on X (Opens in new window) X
- Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram
- Click to share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
